शैक्षिक सत्र 2023-24 हेतु विद्यालयों में छात्र-छात्राओं का नामांकन दिनांक 01 अप्रैल, 2023 से किये जाने हेतु 'स्कूल चलो अभियान का शुभारम्भ किया गया। ग्रीष्मावकाश के उपरान्त विद्यालय पुनः दिनांक 01 जुलाई 2023 से विद्यालय संचालित हैं। विद्यालयों में नामांकन, उसके सापेक्ष छात्र-छात्राओं की नियमित उपस्थिति, छात्र-छात्राओं को निःशुल्क पाठ्य पुस्तकों का वितरण, 'मेरा विद्यालय स्वच्छ विद्यालय का संचालन किया जा रहा है। विद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को निःशुल्क सुविधायें ( entitlements) यूनीफार्म, स्कूल बैग, जूते-मोजे, स्वेटर एवं स्टेशनरी आदि क्रय किये जाने के लिए डी०बी०टी० के अन्तर्गत माता-पिता/अभिभवकों के खाते में धनराशि हस्तान्तरित की गयी है।
2- राष्ट्रीय शिक्षा नीति- 2020 के अन्तर्गत प्राथमिक कक्षाओं में सार्वभौमिक मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान प्राप्त करने तथा बालवाटिका से कक्षा 3 तक के सभी बच्चों में पढ़ने-लिखने और संख्या ज्ञान में ग्रेड स्तर की अपेक्षित योग्यता प्राप्त करने के उद्देश्य से "राष्ट्रीय मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान मिशन" निपुण भारत (National Initiative for Proficiency in Reading with Understanding and Numeracy- NIPUN Bharat ) के क्रियान्वयन हेतु शासनादेश संख्या-1664/ 68-5-2021-182 / 2021 दिनाँक 23 दिसम्बर, 2021 निर्गत है। निपुण लक्ष्य की सम्प्राप्ति के लिए विद्यालय स्तर पर छात्र-छात्राओं का सतत् मूल्यांकन किया जाना आवश्यक है। शहरीय एवं ग्रामीण क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में अवस्थापना सुविधाओं का संतृप्तीकरण एवं परिवेशीय सुधार हेतु विद्यालयों का कायाकल्प किया जा रहा है।
3- जिला परियोजना कार्यालय के स्तर पर वित्त एवं लेखाधिकारी, सभी खण्ड शिक्षा अधिकारी, सभी जिला समन्वयकों की साप्ताहिक बैठक के आयोजन के माध्यम से समग्र शिक्षा के अन्तर्गत अवमुक्त धनराशि की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का अनुश्रवण किया जाना है। इसी प्रकार ब्लाक संसाधन केन्द्रों के माध्यम से विद्यालयों में गुणवत्तापरक शिक्षा हेतु उपलब्ध करायी गयी Teaching Learning Material, Science Kit & Maths Kit का कक्षा शिक्षण में उपयोग एवं शिक्षक संदर्शिका एवं निर्देशिका के आधार पर structured pedagogy के अनुरूप विद्यालयों में कक्षा शिक्षण किया जाना है।
4- ब्लाक संसाधन केन्द्रों पर खण्ड शिक्षा अधिकारी द्वारा प्रधानाध्यापकों से एजेण्डा आधारित मासिक समीक्षा बैठक, जिसमें कम्पोजिट स्कूल ग्राण्ट के व्यय की वित्तीय एवं भौतिक प्रगति का अनुश्रवण तथा अकादमिक रिसोर्स पर्सन एवं स्टेट रिसोर्स ग्रुप के माध्यम से प्रभावी सहयोगात्मक पर्यवेक्षण, विद्यालयों को निपुण विद्यालय किये जाने की उपलब्धि का नियमित अनुश्रवण किया जाना अपरिहार्य है।
5- उल्लेखनीय है कि दिनांक 05 सितम्बर, 2022 शिक्षक दिवस' के सुअवसर पर भारत सरकार द्वारा पी०एम० श्री योजना की घोषणा की गयी, जिसके अन्तर्गत प्रदेश में संचालित परिषदीय / माध्यमिक शिक्षा के विद्यालयों में से निर्धारित चयन प्रक्रिया के अनुसार प्रदेश के प्रत्येक विकासखण्ड से 02 बेसिक / माध्यमिक विद्यालयों का चयन किया जाना है। उक्त योजनान्तर्गत प्रथम चरण में 928 विद्यालयों का चयन किया गया है। इन चयनित विद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति - 2020 के सिद्धान्तों के अनुरूप गुणात्मक एवं समावेशी विकास किया जायेगा।
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